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मौत का गाना, "Gloomy Sunday" in Hindi World History 

मौत का गाना, “Gloomy Sunday” in Hindi

संगीत,एक ऐसी चीज़ है जो आदमी की हर भावनाओ से जुड़ा हुआ है। ख़ुशी के एहसास के लिए खुशियो से भरा संगीत है तो दुःख से भरे पल के लिए भी दुःख भरे नगमे है। अंदर जो चल रहा है, वो बयां करे ऐसा संगीत भी। हम हमारी गतिविधियों के हिसाब से संगीत सुनते है।

अगर हमारी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे पल चल रहे है जो किसी गाने के साथ जुड़ा हुआ होता है तो वो गाना हम महसूस करते है। हम उस गाने के हर एक शब्द को खुद से जोड़ते है, उस गाने के शब्दो और उसकी धुन के साथ गहरे समंदर में डुबकियां लगाते है। 

पर आपने कभी ऐसा गाना सुना है? जिस गाने का तालुक 100 से ज़्यादा लोगों की मौत के साथ जुड़ा हो।

 

मौत का गाना

फरवरी 1936, बुडापेस्ट में पुलिस एक स्थानिक शूमेकर जोसफ केलर की आत्महत्या के बारे में तेहकीकात कर रही थी। तहकीकात से पता चला की जोसफ केलर ने एक सुसाइड नोट लिख था जिसमे एक गाने के बोल लिखे थे और वो गाना “ग्लूमी संडे” नाम का गाना था।

उस गाने के बोल लिखने के पीछे कारण कोई अनदेखा नहीं था। उस गाने का तालुक उस समय में 100 लोगो की मौत से जुड़ा हुआ था। इस घटना के साथसाथ पीछे सत्तर ओर लोगो ने आत्महत्या कर ली थी यह गाना सुनकर क्योकि आत्महत्या करने वाले सभी लोगो के जीवन की गतिविधियां कही न कही उस गाने के साथ जुडी हुई थी।

इन सब के साथ दो ओर लोग थे, जब जिप्सी नाम का एक बैंड यह गाना बजा रहे थे तब उन दोनों ने वो गाना सुनकर खुद को गोली मार दी। एक जेंटल मैन ने नाईट क्लब के बाहर आके अपने आप को गोली से मार दिया क्योकि वह मौजूद सभी लोगो ने बैंड को “द सुसाइड सॉन्ग” दोबारा गाने को कहा था।

इस गाने की उलटी असर के कारण बुडापेस्ट पुलिस ने उस गाने पर रोक का आदेश दे दिया। पर ऐसा नहीं था की उस गाने की असर सिर्फ बुडापेस्ट पे ही पड़ी थी। बर्लिन में एक दुकानदार ने खुद को टांग दिया और उसने अपने पैरो के नीचे “ग्लूमी संडे” लिखा था। कुछ वैसे ही न्यूयॉर्क में एक ख़ूबसूरत महिला टाइपिस्ट ने अपने अंतिम संस्कार में “ग्लूमी संडे” गाना बजाने को बोला था।

 

इन सबसे से भी बड़ी दुर्घटना यह थी कि रोम में एक भिखारी यह गाना गुनगुना रहा था, सामने से एक साइकिल पे सवार आदमी उसके पास आया और भिखारी को अपने सारे पैसे देकर साइकिल वाले ने पूल से छलांग मार दी और लोग कह रहे थे की टूटा हुआ दिल मौत की वजह थी।

1932 में जब रेसज़ो सेरेस पेरिस में थे तब ये गाना उन्होंने तनाव और अपने देश में हो रही गतिविधियों से परेशान होकर लिखा था। इस गाने के सही कम्पोजीशन पियानो के सी माइनर मेलोडी ट्यून में किया गया था। रेसज़ो सेरेस इस गाने को प्रकाशित करने प्रकाशन ढूंढ रहे थे ऐसे में एक प्रकाशन ने उसे कहा कि,”ये बात नहीं है की ये गाना दुःख से भरा है, यह गाना भयानक सम्मोहक निराशाओ से भरा हुआ है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी अच्छा आदमी इस गाने को सुनना पसंद करेगा।”

1933 में यह गाना एक 33 साल के कवी लैस्जलो जावोर ने वापस लिखा, जो मंगेतर से जुदा होने के ग़म में डूबे हुए थे। लोग लैस्जलो जावोर को इस गायन का सही लेखक भी कहते थे, क्योंकि 1933 में एक पत्र के रूप में इस गाने को प्रकाशित किया गया। उन्होंने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा था कि ये गाना इतना आगे बढ़ जायेगा। हालाकि बात ये भी है की इस गाने की अपरिचित असर से खुद सेरेस भी भाग नहीं सकते थे।

 

एक सप्ताह के अंदर अंदर ये गाना सबसे ज़्यादा बिका। इस गाने की सफलता के बाद सेरेस ने अपनी पुरानी प्रेमिका से वापस जुड़ने के लिए प्रयास किया पर देर हो चुकी थी। उसकी प्रेमिका ने खुद ज़हर पीके आत्महत्या कर ली थी और उसकी बाजु में एक पेपर रखा था जिसमे सिर्फ दो ही शब्द लिखे थे :”ग्लूमी संडे”।  

गाने के तौर में 1936 में बॉब अलेन्ड के सभ्य और हल कैम्प ने उसको फिर से एक बार रिकॉर्ड किया। 22 टेक लगे थे उस गाने को सही मायनो में गाने के लिए और वो गाना फिर से प्रकाशित हुआ।

मौत का आंकड़ा बढ़ता चला जा रहा और यह देखकर “बीबीसी” ने उस गाने पर रोक लगा दी। एक फ्रेंच रेडियो स्टेशन पर एक मनोवैज्ञानिक को उस गाने की उलटी असर ना पड़े लोगो पर उसके लिए तहकीकात करने के लिए बुलाया गया था पर फिर भी मृतको के अंक पर कोई भी असर नहीं पड़ी।

1941 में बिल्ली हॉलिडे नामक नामी गायिका ने इस गायन को गाया, उसके बाद इस गाने को अलग अलग कई गायको ने वो गाना गाया है।

सबसे बुरी बात यह थी कि जिस इंसान ने यह गाना लिखा था वे “लैस्जलो जावोर” ने भी 1968 में आत्महत्या कर ली।

आँखों में आंसू भर दे इतनी गहरायी और अंधेरों से भरा हुआ ये हंगेरी गायन। जब में भी इस गाने को सुनता हु तब महसूस करता हु की में एक बिना खिड़की वाले कमरे में बंध हु और अंधेरों से दोस्ती का हाथ मांग रहा हु। ये काफी नहीं है?

“दी हंगेरियन सुसाइड एंथम” बस इतने मे ही सब आ गया।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो कमेंट करना न भूले, हम आपकी कमेंट का इंतजार कर रहे है।

जय हिन्द!

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