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बस एक घंटा और जिंदगी बदल जाएगी, Jim Cathcart in Hindi True Story 

बस एक घंटा और जिंदगी बदल जाएगी, Jim Cathcart in Hindi

ज्यादातर लोग रात दिन पढ़कर कोई नोकरी हासिल कर लेते है और ऑफिस में काम करते करते उसे समझ आता है कि मैं किसी गलत जगह पर काम कर रहा हु और मेरा समय बर्बाद कर रहा हु। मुझे यह काम करना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता उसके बाद भी मैं क्यों यह नोकरी कर रहा हु?

मुझे वो काम (“हर इंसान के अलग अलग सपने होते है, आपका भी कोई सपना होगा जो आप पूरा करना चाहते है वो काम “) ज्यादा पसंद है तो मैं यहाँ ऑफिस में क्यों फस गया हु?

ऐसा सोचते सोचते काफी समय निकल जाता है और एक दिन हम ये मान लेते है की अब देर हो चुकी है अब मैं मेरे सपने पुरे नहीं कर सकता, चुपचाप हम हर रोज उस ऑफिस में जाते है और बॉस का दिया हुआ काम करते रहते है। बस इसी को हम अपनी जिंदगी मान लेते है।

अब अगर आप भी इनमे से एक है तो जान लीजिये की ये बिलकुल ही गलत है कि बस अब तो यही हमारी जिंदगी है इस बात को बड़ी आसानी से बदली जा सकती है। अब आप अपने दिल पर हाथ रखकर खुद से ही पूछिये की क्या आप इनमे से एक है? अगर अभी आप एक स्टूडेंट है तो ये सोचिये अगर आने वाले कल में मेरे साथ ऐसा हुआ तो?

खेर, बहुत ही आसान है इस जंजट में से बहार निकलना, उसके लिए बस आपको इस कहानी को ठीक से समझना पड़ेगा।

 

बस एक घंटा और जिंदगी बदल जाएगी

 

जिम अपनी पत्नी और अपनी छोटी सी बेटी के साथ अर्कांसस राज्य के एक छोटे से गांव में रहता था, जो अमरीका का एक हिस्सा है। जिम के पास ना कोई कॉलेज डिग्री थी, ना उन्होंने अपने आने वाले कल के बारे में ज्यादा सोचा था और नाही वो अभी तक किसी भी काम में ठीक से सफल हो पाए थे। वे कुछ पाससो डॉलर प्रति महीने एक क्लर्क की नोकरी करते थे।

सुबह सुबह जिम ऑफीस आये और अपनी जगह पर बैठे हुए उन्होंने रेडियो शुरू किया। रेडियो पर एक प्रोग्राम आ रहा था जिसका नाम था “हमारी बदलती दुनिया”, जो जिम बड़े आराम से सुन रहे थे। उन्होंने प्रोग्राम की अगली लाइन सुनी और उस एक लाइन ने जिम की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी, “अगर आप हर रोज कुछ एक्स्ट्रा घंटे अपनी पसंद के फील्ड में काम करोगे तो आप उस फील्ड के एक महान व्यक्ति बन सकते है वो भी पांच साल या उससे भी कम समय में।”

जिम ने अपनी जिंदगी में आज तक कभी भाषण नहीं दिया था और नाही कोई छोटे मोठे स्टेज पर वो कभी बोले थे। पर वो हमेशा से चाहता था कि जब लोग उससे कुछ पूछे तो वे ठीक से समझा सके उन लोगो को और ठीक से मदद कर सके।

रेडियो पर सुनी हुई एक लाइन ने जिम को ये काम करने के लिए मजबूर कर दिया। जिम अब क्लेर्क का काम भी करने लगे और अपने एक्स्ट्रा टाइम में वो अब मोटिवेशन की किताबे पढ़ने लगे, मोटिवेशन की नयी नयी टेप बार बार सुनने लगे, इस तरह के हर सेमिनार में वो जाने लगे, अकेले में वो खुद को ही अपना भाषण सुनाते थे और अच्छा बोलने की प्रैक्टिस बढ़ाते ही गये।

TRUE STORY

सिर्फ कुछ ही महीनो में उन्होंने इतना कुछ सीखा, जितना उन्होंने अपनी बाकि की जिंदगी में भी नहीं सीखा था।

अब उन्हें उस समय का फल मिलने लगा जिसके लिए वे रोज एक दो घंटे एक्स्ट्रा काम करते थे। उस एक दो घंटे की एक्स्ट्रा मेहनत से वो क्लेर्क में से मेनेजर बने, मेनेजर में से विक्रेता, उसके बाद टीम के लीडर बने, बाद में ट्रेनर और यह सिलसिला ऐसे ही आगे बढ़ता चला गया।

अब तक जिम ने सत्रह किताबे प्रकाशित की हे। उन्होंने दुनिया की अलग अलग जगहों पर दो हजार से भी ज्यादा स्पीच दी है। जिम ने दुनिया भर के अवार्ड जीते, शायद ही कोई ऐसा अवार्ड होगा जो मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में जिम कैथकार्ट को ना मिला हो। दुनिया के पहले पांच सेल्स एंड कस्टमर सर्विस स्पीकर में लगातार पांच सालो तक जिम चुने गए और आज दुनिया उसे “धी लीजेंड ऑफ़ प्रोफेसनल स्पीकर” के नाम से जानती है।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो कमेंट करना न भूले, हम आपकी कमेंट का इंतजार कर रहे है।

जय हिन्द!

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