You are here
Unforgettable Single Line Speech By John F Kennedy Motivational Story 

पसंद या पैसा? Unforgettable Single Line Speech By John F Kennedy

हंमेशा हम अपने वास्तविक जीवन में वो काम करना ज्यादा पसंद करते है जो काम हमे पसंद होता है, जिस काम को करके हमे ख़ुशी मिलती है पर हम सब जानते है कि दुनिया में आज भी आधे से ज्यादा लोग अपनी पसंद का काम नहीं कर पाते है। अगर आप इस बात से सहमत नही है तो चलिए आप अपने आप से एक सवाल पूछिये कि क्या आप हर रोज वो काम करते है जो काम आपको पसंद है ?

कुछ गिनेचुने लोगो को छोड़कर सबका जवाब यही होगा कि नहीं, हम वो काम नहीं कर पाते है जो काम हमे पसंद  है बल्कि हमें  मजबूरन वो काम  करना पड़ते है जिसके लिए हम मजबूर है। हमारी पसंद का काम करने के लिए हमे समय ही नही मिलता या हमारे पास समय ही नहीं है, क्या पता शायद आपका भी यही जवाब होगा।

तो हमें समय मिल क्यों नही रहा? हमारा समय कहा बीत रहा है या हम अपने समय को कहा बर्बाद कर रहे है?

एक छोटी सी कहानी के जरिये शायद आपको इस बात का जवाब मिल जायेगा कि हम सबके साथ ऐसा क्यों हो रहा है?

जॉन ऍफ़ केनेडी अमरीका के पैंतीसवें वड़ा-प्रधान थे। साथ में वो एक  बहुत अच्छे स्पीकर भी थे। अमरीका आज भी उनके शब्दो और बातो को याद करता है। वे छोटी छोटी बातो से लोगो को जाग्रत करते थे, शायद इसीलिए लगभग सभी अमरीकियों को उनका भाषण सुनना काफी अच्छा लगता था। पर उन दिनों इतने माध्यम नहीं थे कि हम किसी वक्ता को घर पर बैठे बैठे आसानी से देख सके और उनका भाषण भी सुन सके। सिर्फ एक माध्यम था, वो था रेडियो।

इसीलिए समय समय पर रेडियो स्टेशन पर उनका भाषण हुआ करता था। जो एक मजदुर से लेकर बड़े बड़े अमीर लोग भी सुनते थे।

ऐसे में एक दिन नजदीकी रेडियो स्टेशन पर उनका भाषण था और केनेडी को दिए गए समय पर वहा पर पहुचना था, पर बारिश इतनी तेज हो रही थी कि चलकर जाना मुश्किल था, तो दूसरी ओर रेडियो स्टेशन पर जाना भी बहुत ही जरुरी था।

रोड़ बिलकुल सुनसान था और केनेडी वही पर खड़े खड़े इंतजार करने लगे, ऐसे में बाल बाल एक ऑटो वाला रोड़ पर नजर आया जिन्हें रोककर केनेडी ने कहा कि भाईसाब क्या आप मुझे रेडियो स्टेशन तक छोड़ दोगे?

लगा की ऑटो वाला काफी जल्दी में है और वो कह रहा था कि नहीं नहीं साहब अभी मुझे जल्द से जल्द घर पहुचना है और जॉन ऍफ़ केनेडी का रेडियो स्टेशन पर भाषण आने वाला है जाकर वो भाषण सुनना है मुझे।

अब ऑटो वाला नहीं जानता था कि  सामने खड़ा इंसान ही जॉन ऍफ़ केनेडी है, वो इसीलिए क्योकि उसने केनेडी का भाषण ही सुना हुआ था, उसे कभी देखा नही था। शायद इसीलिए ऑटो वाले ने रेडियो स्टेशन तक जाने से मना कर दिया, अगर वो उसे जानता होता कि यह तो जॉन ऍफ़ केनेडी है तो पक्का वो ऑटो वाला केनेडी को मुफ्त में ले चलता।

केनेडी को जाना जरुरी था और पता नही दूसरा ऑटो वाला कब मिले? इसिलए केनेडी ने कहा कि मैं तुम्हे दुगने पैसे दूँगा अगर वहा तक छोड़ दोगे तो। तो क्या अब तुम आ रहे हो?

अब ऑटो वाला परेशान नजर आया और कुछ देर सोचकर आखिर मुस्कुराते हुए बताया कि ठीक है बेठिये जल्दी से वरना जब तक मैं आपको रेडियो स्टेशन तक छोड़ूगा नहीं तब तक शायद आप मेरा पिछा नहीं छोड़ने वाले। फिर दोनों रेडियो स्टेशन की तरफ बड़ी तेजी से निकल पड़े।

 

केनेडी रेडियो स्टेशन तक पहुच गए और ऑटो वाला भी बड़ी तेजी से ऑटो को भगाता हुआ अपने घर की और चल पड़ा। पर हैरानी की बात यही थी कि अभी तक उसे पता नहीं चला की जिस आदमी को मेने यहाँ छोड़ा वो खुद ही जॉन ऍफ़ केनेडी थे, जिसका भाषण सुनने के लिए वो इतनी भाग दौड़ कर रहा था।

खेर, केनेडी का भाषण शुरू हुआ और हर बार की तरह उन्होंने इस बार भी लोगो को खुश कर दिया। पर उन्होंने अपने भाषण का समापन कुछ अलग तरीके से किया। अभी ऑटो वाले के साथ जो घटना बनी वो घटना पुरे अमरीका को सुनाई और एक लाइन में अपना भाषण ख़त्म करते हुए कहा कि “इंसान पैसो के लिए कुछ भी कर सकता है।”

कहने का तात्पर्य यही है कि यहाँ पर भाषण खत्म हो गया और जिसको यह भाषण सुनना था वो ऑटो वाला अभी तक रास्ते में ही था और अपने पसंदीदा वक्ता का भाषण नहीं सुन पाया। कुछ इस तरह से हम भी पैसो की जाल में फसे रहते है और अपना समय ऐसे कामो में ही बर्बाद करते है।

 

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो कमेंट करना न भूले, हम आपकी कमेंट का इंतजार कर रहे है।

जय हिन्द!

Related posts

Leave a Comment

0 Shares
Share
+1
Tweet
Share
Pin
Stumble